मेटियोर

वायुमंडल में या पृथ्वी की सतह पर देखी जाने वाली एक भौतिक परिघटना, जिसमें तरल या ठोस, जलीय या अजलीय कणों का निलंबन, वर्षण (precipitation), या निक्षेप (deposit), साथ ही एक प्रकाशीय या विद्युतीय अभिव्यक्ति शामिल होती है। उपर्युक्त को ध्यान में रखते हुए, मेटियोरों को चार बड़े समूहों में वर्गीकृत किया जाता है: 1) हाइड्रोमेटियोर (जलीय मेटियोर); 2) लिथोमेटियोर (धूल मेटियोर); 3) फोटोमेटियोर (वायुमंडलीय प्रकाशीय परिघटनाएँ); और 4) इलेक्ट्रोमेटियोर (विद्युतीय मेटियोर)। बादलों को कुछ समय तक विश्व मौसम विज्ञान संगठन (World Meteorological Organization) द्वारा मेटियोर नहीं माना जाता था, परंतु अब उन्होंने वह दर्जा प्राप्त कर लिया है। चूँकि वे निलंबित जल बूँदों से बने होते हैं, इसलिए उन्हें हाइड्रोमेटियोर के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। "मेटियोर" शब्द को प्रायः बाह्य अंतरिक्ष से उत्पन्न उस उल्कापिंड (meteorite) या उल्काश्म (meteoroid) से जोड़ दिया जाता है, जो वायुमंडल को पार करते हुए अपने मार्ग में एक चमकदार निशान छोड़ता है। टूटते तारे (shooting stars) इसका सबसे अच्छा उदाहरण हैं। ऐसे मामलों में, मेटियोर केवल वह प्रकाश की चमक है, जो वायुमंडलीय प्रकृति की होती है, न कि वह चट्टानी वस्तु या धूमकेतु अवशेष (cometary remnant)। यह शब्द मध्यकालीन लैटिन शब्द meteorum से व्युत्पन्न है, जिसका उद्गम ग्रीक शब्द μετέωρα (meteora) में है, जो μετεωρος (meteoron) का बहुवचन है, और जो उन वस्तुओं या परिघटनाओं को संदर्भित करता है जो ऊपर, आकाश में घटित होती हैं।

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