ऊँचाई की बीमारी
ऊँचे पहाड़ों में ऑक्सीजन की कमी के कारण महसूस होने वाली असुविधा, जो ऊँचाई बढ़ने के साथ वायु के क्रमिक विरलन (rarefaction) के कारण होती है। इस विकार का मुख्य लक्षण सांस फूलने की अनुभूति और हृदय गति में वृद्धि है, जिसके साथ मतली, उल्टी, तथा तीव्र सिरदर्द भी हो सकता है। यदि बिना अनुकूलन (adaptation) के पर्याप्त समय दिए ऊँचाई पर तेजी से पहुँचा जाए, तो ऊँचाई की बीमारी एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या - जैसे फुफ्फुसीय शोफ (pulmonary edema) - का कारण बन सकती है। यह 2500 मी की ऊँचाई से ऊपर प्रकट होना शुरू होती है, हालाँकि अधिकांश लोग 3000 मी के निशान तक हाइपोक्सिया (hypoxia) के लिए आसानी से अनुकूलित हो जाते हैं। वहाँ से आगे, उपापचय (metabolism) ऑक्सीजन की कमी के प्रभाव दिखाना शुरू कर देता है, जिसके लिए आगे चढ़ने में सक्षम होने के लिए एक उचित अनुकूलन अवधि की आवश्यकता होती है। ऊँचाई की बीमारी को पर्वतीय बीमारी (mountain sickness), साथ ही चिकित्सा शब्दावली में AMS (acute mountain sickness) के नाम से भी जाना जाता है।
संबंधित पद: हाइपोक्सिया