सेइश

किसी झील या समुद्र की सतह पर होने वाली अप्रगामी तरंगें (standing waves), जिनका उद्गम छोटे भूकंपीय संचलन, तेज़ हवाएँ, या वायुमंडलीय दाब में अचानक परिवर्तन हो सकते हैं। इस तरंग परिघटना का सबसे पहले अध्ययन 1890 में, स्विस जल विज्ञानी फ्रांस्वा-अल्फोंस फोरेल (1841-1912) द्वारा, जिनेवा झील पर किया गया था। दोलन अवधि कुछ मिनटों से लेकर कई घंटों तक भिन्न हो सकती है। पश्चिमी भूमध्य सागर के तटों पर सेइश कुछ नियमितता के साथ होते हैं।